गुवाहाटी। लगातार दूसरी हिमंता बिस्वा सरमा ने बार असम के सीएम बन गए हैं। गवर्नर लक्ष्मण आचार्य ने उन्हें पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही हिमंता असम के पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन गए हैं जो लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद संभाल रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत कई केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे। इन लोगों के अलावे सभी बीजेपी और एनडीए शासित राज्यों के सीएम भी शामिल हुए।
गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में शपथ ग्रहण कार्यक्रम में हिमंता के अलावा 4 विधायकों रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नेओग ने मंत्री पद की शपथ ली है। इनमें दो बीजेपी और 2 सहयोगी दलों से हैं।
बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के नेता चरण बोरो का नाम भी शामिल है। वे तीसरी बार माजबाट सीट से विधायक बने हैं। पिछले साल अक्टूबर में उन्हें सरमा सरकार में मंत्री बनाया गया था। माना जाता है कि भाजपा और बीपीएफ के गठबंधन को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही है।
अजंता नियोग मुख्यमंत्री सरमा की पुरानी राजनीतिक सहयोगियों में शामिल हैं। वह लगातार छठी बार गोलाघाट सीट से विधायक चुनी गई हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई सरकार में मंत्री भी रहीं. बाद में वह भाजपा में शामिल हो गईं थी।
अतुल बोरा असम गण परिषद के अध्यक्ष हैं और छात्र राजनीति से उभरकर बड़े नेता बने। असम आंदोलन के दौर से उनकी राजनीति मजबूत हुई. वे भाजपा के नेतृत्व वाली पिछली दोनों सरकारों में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।
रामेश्वर तेली असम के बड़े जनजाति नेताओं में गिने जाते हैं। वे केंद्र सरकार में खाद्य प्रसंस्करण और पेट्रोलियम मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
बता दें कि असम विधानसभा चुनाव 2026 में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने विपक्ष का सूपड़ा साफ करते हुए 102 सीटों पर जीत हासिल की है। इसमें बीजेपी ने अकेले 82 सीटें जीती हैं, जो बहुमत के आंकड़े से कहीं अधिक है। सहयोगी दल एजीपी और बीपीएफ ने भी 10-10 सीटों पर जीत दर्ज की है। ये राज्य में एनडीए की लगातार तीसरी सरकार है, जिसकी शुरुआत 2016 में सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में हुई थी।
