
रायपुर: राज्य शासन द्वारा दुर्ग जिले के विकासखंड पाटन अंतर्गत किकिरगेटा उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण कार्य हेतु 30.68 करोड़ (तीस करोड़ अड़सठ लाख रूपये) की द्वितीय एवं अंतिम पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना के पूर्ण होने पर लगभग 1000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे क्षेत्र के किसानों को लाभ मिलेगा एवं कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।
राज्य शासन ने निर्देश दिए हैं कि कार्य स्वीकृत लागत एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। कार्य प्रारंभ करने से पूर्व तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करना तथा ड्रॉइंग एवं डिज़ाइन का अनुमोदन कराना अनिवार्य होगा। निविदा प्रक्रिया को पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक रखते हुए कम से कम 75 प्रतिशत बाधारहित भूमि उपलब्ध होने पर ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
यदि भू-अर्जन की आवश्यकता होती है, तो इसे स्वीकृत राशि की सीमा में ही किया जाएगा, अन्यथा निर्माण कार्य शासकीय भूमि पर ही सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्धारित बजट सीमा से अधिक व्यय न हो तथा कार्य निष्पादन में मितव्ययिता बरती जाए।
निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा किसी भी स्तर पर कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। कार्य को अनुबंधानुसार समय-सीमा में पूर्ण करना अनिवार्य होगा तथा अनावश्यक समय-वृद्धि की अनुमति नहीं दी जाएगी।
परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।




