
धमतरी: छत्तीसगढ़ शासन की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था किसानों के जीवन में स्थायित्व और भरोसे का आधार बन रही है। इसी का जीवंत उदाहरण हैं नगर पंचायत आमदी के किसान श्री सुरेन्द्र कुमार पटेल, जिन्होंने खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 में शासन की पारदर्शी व्यवस्था का लाभ उठाते हुए अपनी उपज बिना किसी बाधा के बेची और आर्थिक सशक्तता की ओर कदम बढ़ाया।
किसान श्री पटेल चार एकड़ कृषि भूमि के स्वामी हैं। इस वर्ष उन्होंने 82.40 क्विंटल धान का उत्पादन किया, जिसे वे आमदी धान उपार्जन केन्द्र में लेकर पहुँचे। श्री पटेल बताते हैं कि धान बेचने की पूरी प्रक्रिया सहज, सुव्यवस्थित और समयबद्ध रही। टोकन व्यवस्था, तौल, गुणवत्ता जांच और भुगतान की प्रक्रिया में कहीं भी अनावश्यक देरी या परेशानी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं से किसानों का समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।
किसान श्री पटेल का परिवार शिक्षा को प्राथमिकता देता है। उनके चार बच्चे हैं, जो वर्तमान में हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्तर पर अध्ययनरत हैं। धान बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग वे अपने बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए करेंगे, ताकि भविष्य में वे आत्मनिर्भर बन सकें। इसके साथ ही श्री पटेल ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के अंतर्गत लिए गए ऋण की किश्त समय पर जमा करने की योजना बनाई है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी।
किसान श्री पटेल का मानना है कि शासन की धान खरीदी नीति ने छोटे और मध्यम किसानों को बड़ी राहत दी है। निश्चित समर्थन मूल्य, पारदर्शी खरीद प्रक्रिया और समय पर भुगतान से किसानों में आत्मविश्वास बढ़ा है। इससे न केवल खेती को प्रोत्साहन मिला है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सशक्त हो रही है।
शासन की इस पहल के लिए कृषक श्री सुरेन्द्र कुमार पटेल ने छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जब व्यवस्थाएं स्पष्ट और निष्पक्ष होती हैं, तो किसान पूरे मन से उत्पादन बढ़ाने में जुटता है। श्री पटेल की यह सफलता कहानी बताती है कि सही नीतियों और प्रभावी क्रियान्वयन से किसान परिवारों के सपनों को नई उड़ान मिल सकती है।


