
वॉशिंगटन। अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी कराकस समेत देश के कई जगह सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले करने के साथ वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर इसका एलान किया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को देश से बाहर ले जाया गया है। पहली बार ऐसा हुआ है, जब अमेरिका किसी देश के मौजूदा राष्ट्रपति को गिरफ्तार कर देश से बाहर ले गया है। अमेरिका ने पुष्टि की है कि उसने वेनेजुएला की राजधानी कराकस के मुख्य सैन्य ठिकाने फुएर्ते टिउना, कराकस के मुख्य एयरबेस ला कार्लोता, सिग्नल एंटीना वाले मुख्य संचार अड्डे एल वॉल्कैन, वेनेजुएला के मुख्य ला गुआरा पोर्ट और मिरांडा राज्य के हिगुएरोते एयरपोर्ट पर हमले किए हैं।
इससे पहले वेनेजुएला और पश्चिमी मीडिया ने खबर दी थी कि शुक्रवार को वेनेजुएला के स्थानीय समय रात 2 बजे राजधानी कराकास और कई अन्य जगह सैन्य ठिकानों पर अमेरिका ने जबरदस्त हमला बोला। वेनेजुएला की राजधानी कराकस में विमानों की आवाजें सुनाई दीं और अमेरिकी सेना के हेलीकॉप्टर उड़ते नजर आए थे। धमाके इतने जोरदार थे कि नींद से सोते लोग भागकर बाहर आए। कराकस के आसमान में धुएं का गुबार छा गया। इसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। बताया जा रहा है कि अमेरिका के लड़ाकू विमानों ने मादुरो सरकार के रक्षा मंत्री के घर पर भी बमबारी की।
डोनाल्ड ट्रंप ने बीते कुछ महीनों में वेनेजुएला पर अमेरिका में ड्रग्स तस्करी का आरोप लगाना शुरू किया था। दिसंबर में ट्रंप के आदेश पर कैरिबियाई द्वीपों पर अमेरिकी सेना भी इकट्ठा हो रही थी। इसके साथ ही ट्रंप ने यूएसएस निमित्ज समेत दो विमानवाहक पोतों को भी वेनेजुएला के पास तैनात किया था। ट्रंप ने हालांकि वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो से फोन पर भी बात की थी।
मादुरो ने मीडिया को बताया था कि ट्रंप से उनकी बातचीत बहुत सौहार्दपूर्ण रही है। बावजूद इसके आसार जताए जा रहे थे कि अमेरिका की सेना अब वेनेजुएला पर हमला करेगी। यही आखिरकार हुआ। बता दें कि वेनेजुएला पर पहले से ही अमेरिका ने प्रतिबंध लगा रखे थे। वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा कच्चे तेल का भंडार है।




