
नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के निधन के बाद बड़ा बदलाव सामने आता दिख रहा है। उनकी पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार के उप मुख्यमंत्री बनने की संभावना है। सत्तारूढ़ महायुति में शामिल एनसीपी के भीतर नेतृत्व को लेकर मंथन अंतिम चरण में बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सुनेत्रा पवार ने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है और शनिवार को होने वाली एनसीपी विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि वह कल ही डिप्टी सीएम पद की शपथ भी ले सकती हैं।
इस मामले पर मुख्यमंत्री फडणवीस का भी बयान सामने आया है। उन्होंने साफ किया है कि इस पर अंतिम फैसला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ही लेगी। उन्होंने कहा कि एनसीपी जो भी निर्णय करेगी, महायुति उसे स्वीकार करेगी। फडणवीस ने यह भी कहा कि सरकार इस संवेदनशील समय में दिवंगत अजित पवार के परिवार और एनसीपी के साथ मजबूती से खड़ी है।
मंत्री छगन भुजबल ने शुक्रवार को बताया कि 31 जनवरी को एनसीपी विधायक दल की बैठक होगी। इस बैठक में दिवंगत डिप्टी सीएम अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुने जाने की संभावना है। भुजबल ने कहा कि पार्टी के कई नेता चाहते हैं कि सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी संभालें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संकेत दिया है कि अगर विधायक दल ऐसा फैसला करता है तो शनिवार को ही शपथ ग्रहण से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
छगन भुजबल के अनुसार, शोक अवधि और अन्य औपचारिकताओं को लेकर पार्टी नेतृत्व संवेदनशील रुख अपना रहा है। उन्होंने बताया कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे शोक की अवधि, परंपराओं और कार्यक्रमों की समय-सारिणी पर नजर रखे हुए हैं। भुजबल ने कहा कि किसी के निधन के बाद शोक की अवधि अलग-अलग परंपराओं के अनुसार होती है कभी तीन दिन तो कभी दस दिन। अंतिम निर्णय विधायक दल की बैठक में ही लिया जाएगा।
एनसीपी-एसपी नेता और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि अगर सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाया जाता है तो यह खुशी की बात होगी। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार तीन-चार दिन में बैठकर अंतिम निर्णय करेगा। देशमुख के मुताबिक, इस संवेदनशील समय में परिवार की सहमति सर्वोपरि है और सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
सुनेत्रा पवार वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं और महाराष्ट्र विधानमंडल के किसी भी सदन की सदस्य नहीं हैं। हालांकि, पुणे जिले की बारामती विधानसभा सीट अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद खाली हो चुकी है। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि नेतृत्व परिवर्तन के साथ आगे की संवैधानिक प्रक्रिया भी तय की जाएगी। आने वाले घंटों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि महाराष्ट्र को नया डिप्टी सीएम कब और किस रूप में मिलता है।




