
भारतीय नागरिक संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
इंदौर। इंदौर में सोशल मीडिया के माध्यम से साम्प्रदायिक, सामाजिक एवं जातिगत भावनाओं को भड़काने, विद्वेष एवं भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई होगी। इस संबंध में पुलिस आयुक्त श्री संतोष कुमार सिंह ने भारतीय नागरिक संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश के उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश आगामी 01 मार्च 2026 तक लागू रहेगा।
जारी प्रतिबंधात्मक आदेश के अनुसार इन्दौर नगरीय सीमा के अन्दर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म जैसे- फेसबुक, व्हाट्सऐप, एक्स, इंस्टाग्राम, हाईक, एसएमएस, टेलीग्राम एवं अन्य सोशल मीडिया साईट आदि का दूरूपयोग कर साम्प्रदायिक, सामाजिक एवं जातिगत भावनाओं को भड़काने, विद्वेष तथा भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए किसी भी प्रकार के संदेश का प्रसारण नहीं कर सकेंगे। कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म में किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक एवं उत्पाद फैलाने वाले संदेश, फोटो, वीडियो, ऑडियो इत्यादि जिससे सांप्रदायिक, सामाजिक एवं जातिगत आदि भावनाएं भड़क सकती हैं या सांप्रदायिक सामाजिक एवं जातिगत विद्वेष पैदा हो सकता है उसे प्रसारित नहीं कर सकेंगे।
कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के किसी भी पोस्ट जिसमें साम्प्रदायिक, सामाजिक एवं जातिगत भावनाएं भड़कती हों को कमेंट, लाईक, शेयर अथवा फॉरवर्ड नहीं करेंगे। ग्रुप एडमिन की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वह ग्रुप में इस प्रकार के संदेशों को रोके। कोई भी व्यक्ति सामुदायिक, धार्मिक, जातिगत विद्वेष फैलाने या लोगों अथवा समुदाय के मध्य घृणा, वैमनस्यता पैदा करने या दुष्प्रेरित करने या उकसाने या हिंसा फैलाने का प्रयास उपरोक्त माध्यमों से नहीं करेंगे और न ही इसके लिये किसी को प्रेरित करेंगे।
कोई भी व्यक्ति अफवाह या तथ्यों को तोड़ मरोड़कर, भड़का कर उन्माद उत्पन्न करने वाले संदेश जिससे लोग या समुदाय विशेष, हिंसा या गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल हो जाये को प्रसारित नहीं करेंगे और न ही लाईक, शेयर अथवा फॉरवर्ड करेंगे और न ही ऐसा करने के लिये किसी को प्रेरित करेंगे। कोई भी व्यक्ति, समुदाय ऐसे संदेशों को प्रसारित नहीं करेंगे, जिसमें किसी व्यक्ति, संगठन, समुदाय आदि को एक स्थान पर एक राय होकर जमा होने और उनसे कोई गैरकानूनी गतिविधियां करने के लिये आव्हान किया गया हो, जिससे कानून एवं शांति व्यवस्था भंग होने की प्रबल संभावना विद्यमान हो।
आदेश में कहा गया है कि नगरीय पुलिस इंदौर जिले की सीमा के अन्दर किसी भी साइबर कैफे के मालिक अथवा संचालक द्वारा किसी भी अनजान व्यक्ति, जिसका परिचय किसी विश्वसनीय प्रमाण-पत्र जैसे परिचय पत्र, मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, ड्राइविंग लायसेंस, पासपोर्ट फोटो युक्त, क्रेडिट कार्ड, पैन कार्ड या ऐसे ही अन्य साक्ष्य से प्रमाणित न हो, को साइबर कैफे का उपयोग नहीं करने दिया जायेगा। समस्त आगन्तुकों/ प्रयोगकर्ताओं का रजिस्टर रखे बिना सायबर कैफे संचालित नहीं किया जायेगा। सभी आगन्तुकों/प्रयोगकर्ताओं को उनके हस्तलेख में नाम, पता, दूरभाष नम्बर तथा परिचय का प्रमाण पत्र अंकित कराये बिना साइबर कैफे का प्रयोग वर्जित होगा। साइबर कैफे में वेब कैमरा लगाया जाना होगा, जिसमें प्रत्येक आगन्तुक / प्रयोगकर्ताओं की फोटो खींची जा सके तथा उसका अभिलेख सुरक्षित रखा जा सके। यह अभिलेख कम से कम 06 माह तक सुरक्षित रखा जायेगा।

