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केरलम में बोले पीएम मोदी- कांग्रेस खाड़ी देशों को नाराज करने वाले बयान दे रही है

नई दिल्ली। केरलम के तिरुवल्ला में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और लेफ्ट को आड़े हाथों लिया। प्रधानमंत्री बोले, कांग्रेस, एलडीएफ और यूडीएफ के लोग झूठ बोलने में माहिर हैं।

पीएम मोदी ने फिल्मों का नाम लेकर कहा कि ‘केरला फाइल्स’ आई तो वो बोले यह झूठ है, ‘कश्मीर फाइल्स’ आई तो उन्होंने उसे भी बताया और ‘धुरंधर’ आई तो बोलने लगे झूठ है। आजकल वे एफसीआरए और यूसीसी के बारे में झूठ फैला रहे हैं। गोवा में दशकों से यूसीसी लागू है, लेकिन वे इसके बारे में झूठ फैला रहे हैं। सीएए के बारे में भी उन्होंने यही किया था। वे झूठ फैलाने का धंधा करते हैं।

पीएम ने कहा कि पश्चिमी एशिया के युद्ध संकट ने कांग्रेस और उसके साथी दलों के मंसूबों को उजागर कर दिया है। आज पूरा देश देख रहा है कि खाड़ी देशों में कैसे हालात बने हैं और वहां हमारे लाखों लोग, केरलम के हमारे भाई-बहन काम कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता जानबूझकर ऐसे बयान देते हैं, जिससे पश्चिमी एशिया में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाए।

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि वेस्ट एशिया के देश भारत को अपना दुश्मन समझ लें। हम यहां ऐसा कोई बयान दे दें और गल्फ कंट्री से भारतीयों को बाहर निकाल दिया जाए इसलिए कांग्रेस गल्फ कंट्री को नाराज करने वाले बयान दे रही है। कांग्रेस चाहती है कि लोग पैनिक हों और उसे मोदी को गाली देने का मौका मिल जाए। अरे, राजनीति अपनी जगह है, चुनाव आते-जाते रहेंगे। मेरे लिए केरलम के लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ा काम है और मैं इसके लिए प्रतिबद्ध हूं।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि वो तो हमारी दोस्ती अच्छी है कि गल्फ की सभी सरकारें हमारे सभी भारतीयों को अपना ही परिवार मानकर रक्षा कर रही हैं। लेकिन यहां से ऐसी-ऐसी भाषा बोली जा रही है। मैं उनको कहकर थक गया कि ये बोलने का समय नहीं है। वहां रह रहे हमारे लाखों भाई-बहनों की सुरक्षा ही हमारा दायित्व है इसलिए अनाप-शनाप बोलना बंद करो ताकि हमारे नौजवानों को, हमारी बेटियों को वहां कोई तकलीफ न हो।

पीएम ने कहा कि सबरीमाला मंदिर में हुई सोने की लूटपाट में एक स्पष्ट पैटर्न नजर आ रहा है। ये घटनाएं एलडीएफ शासन के दौरान हो रही हैं, लेकिन इनका संबंध कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से है। एलडीएफ ने जांच सीबीआई को नहीं सौंपी है, जिससे कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, मंदिर संबंधी मुद्दों से अब तक दूर रहने वाली कांग्रेस अब दिखावा कर रही है और खुद को हिंदू समर्थक दिखाने की कोशिश कर रही है। एनडीए सरकार बनने के बाद, एलडीएफ और यूडीएफ दोनों की गहन जांच सुनिश्चित की जाएगी और दोषियों को सजा दी जाएगी। स्वामी अय्यप्पा के भक्त न्याय के अलावा और कुछ नहीं चाहते।

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