
नागरिकों से चाइना धागे का उपयोग नहीं करने की अपील
इन्दौर। गत समय में घटित विभिन्न घटनाओं से यह संज्ञान में आया है कि पतंगबाजी में उपयोग होने वाले चायना (नायलॉन/सिंथेटिक) धागे के कारण पक्षियों के साथ-साथ जनसामान्य को गंभीर क्षति पहुँच रही है। कई मामलों में पक्षी चायना धागे में उलझकर घायल हुए हैं तथा कुछ प्रकरणों में उनकी मृत्यु भी हुई है। इसी प्रकार, सड़क पर चलने वाले राहगीरों एवं वाहन चालकों के लिए भी यह धागा अत्यंत घातक सिद्ध हुआ है, जिससे कुछ मामलों में जनहानि की घटनाएँ भी घटित हुई हैं।
उक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए जन-जीवन एवं पशु-पक्षियों की सुरक्षा के उद्देश्य से पतंगबाजी में चायना धागे के उपयोग पर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री शिवम वर्मा द्वारा प्रतिबंध लगाया गया है। इस संबंध में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश पूर्व में जारी किया जा चुका है।
इसके बावजूद यह देखने में आ रहा है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा चोरी-छिपे चायना धागे का उपयोग कर पतंगबाजी की जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप हाल के दिनों में जनहानि जैसी घटनाएँ सामने आई हैं। यह स्पष्ट किया जाता है कि इस प्रकार के कृत्य किसी भी स्थिति में क्षम्य नहीं हैं।
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 106(1) के अंतर्गत उतावलेपन अथवा उपेक्षापूर्ण कार्य से किसी व्यक्ति की मृत्यु कारित होने पर दोषी को पाँच वर्ष तक के कारावास एवं जुर्माने से दंडित किए जाने का प्रावधान है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार यदि कोई नाबालिक चायनीज नायलॉन मांझे का उपयोग करते हुए पाया जाता है तो उनके अभिभावक की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
साथ ही, प्रतिबंधात्मक आदेश के उल्लंघन की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत भी कार्यवाही की जाएगी।
चायना धागे का उपयोग कर पतंगबाजी करने वाले व्यक्ति/संस्था/आयोजक के विरुद्ध विधि अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे चायना धागे का उपयोग पूर्णतः न करें, कानून का पालन करें तथा जन-सुरक्षा एवं पक्षी-संरक्षण में प्रशासन का सहयोग करें।




