
इन्दौर। भागीरथपुरा में 31 दिसम्बर को भी सघन उपचार जारी रहा। स्वास्थ सेवाओं को विस्तार देते हुए चिकित्सकों और सर्वे दलों की संख्या बढाई गई। कलेक्टर श्री शिवम वर्मा द्वारा दिए गये निर्देशानुसार भागीरथपुरा से लगे हुए अन्य क्षेत्रों में भी संक्रमण फैलने की सूचना पर विभाग ने 21 टीमें बनाई गयी, इस टीम में डॉक्टर, पैरामेडिकल, ए.एन.एम. आशा कार्यकर्ता सम्मिलित हैं। आशा कार्यकर्ता द्वारा प्रभावित क्षेत्र का व्यापक सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वे में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी सहयोग प्रदान कर रही है। घर-घर जाकर उबला पानी पीने एवं बाहर का भोजन व बाहर के कटे फल न खाने की समझाईश भी दे रही हैं। इसी के साथ-साथ 11 एम्बुलेंस लगाई गई हैं, 24×7 चिकित्सकों की ड्यूटी क्षेत्र में लगाई गई है। जो मरीज निजी चिकित्सालयों में जा रहें हैं, वहाँ पर भी निःशुल्क उपचार, जाँच एवं औषधि हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया है। घटना की गंभीरता और व्यापकता को देखते हुए विभाग ने त्वरित कार्यवाही कर क्षेत्र में आमजन को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सतत क्रियाशील है और घटनाक्रम पर सतर्कता से नजर रखे हुए है। जिला प्रशासन द्वारा निजी चिकित्सालयों में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों के साथ-साथ राजस्व अधिकारी भी समन्वय हेतु तैनात किए गए। सभी निजी चिकित्सालयों में निःशुल्क उपचार के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा दिए गये। जिनका पालन करवाया जा रहा है।
31 दिसम्बर तक 7 हजार 992 घरों का सर्वे किया गया जिसमें लगभग 39 हजार854 लोगों की जांच की गई, जिसमें से लगभग 2 हजार 456 संदेहास्पद मरीज मिले। प्रभावितों को वही स्थल पर प्राथमिक उपचार दिया गया। प्रभावितों को 31 दिसम्बर तक 212 प्रभावितों को अस्पतालों में भर्ती किये गये। जिसमें 50 मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। सभी अस्पतालों में भर्ती प्रभावितों की संख्या 162 है और आईसीयू में प्रभावितों की संख्या 26 है।




