
नई दिल्ली। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में आज विशाखापत्तनम में INS तारागिरी युद्धपोत को भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया। इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने INS तारागिरी की खूबियां गिनाते हुए कहा कि यह भारत की बढ़ती हुई समुद्री शक्ति, हमारे राष्ट्रीय गौरव और सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। जब यह जहाज समुद्र की लहरों को चीरते हुए आगे बढ़ेगा, तो यह पूरी दुनिया को यह संदेश देगा कि भारत की ताकत भारत के लोगों में, उनकी मेहनत में, उनकी क्षमता में और उनके अटूट संकल्प में है।
राजनाथ सिंह ने कहा, नौसेना की परंपरा में यह माना जाता है, कि किसी जहाज का नाम, अपने साथ एक लेगेसी लेकर आता है। पहले भी INS तारागिरी ने लंबे समय तक देश की सेवा की थी और उसने नौसैनिक आत्मनिर्भरता की नींव मजबूत की थी। आज उसी नाम को एक आधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट के रूप में, आगे बढ़ाया जा रहा है। INS तारागिरी हम सबके लिए एक खास उपलब्धि है।
इस शिप के नाम में भी एक गहरा अर्थ छिपा हुआ है। यह नाम हिमालय की एक पर्वत श्रृंखला से लिया गया है, जो शक्ति, स्थिरता और सतर्कता का प्रतीक है। जैसे पहाड़, अपनी जगह पर अडिग खड़े रहते हैं और चारों ओर नजर रखते हैं, वैसे ही यह वॉर शिप हमारे समुद्री क्षेत्रों की सुरक्षा करेगी। इसका क्रेस्ट भी इसी भावना को दर्शाता है, जहां एक बाज़, ऊंचाई से अपने क्षेत्र पर नजर रखता है। यह सिंबल अपने आप में, सतर्कता और साहस दोनों का ही प्रतीक है।
रक्षा मंत्री ने बताया कि INS तारागिरी, P-17-A क्लास का चौथा जहाज है और इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे हमारे अपने वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो के इंजीनियर्स ने डिजाइन किया है और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने इसे तैयार किया है। लगभग 7000 टन वजन वाला यह जहाज केवल आकार में ही बड़ा नहीं है, बल्कि अपनी क्षमताओं में भी उतना ही शक्तिशाली है। यह तेज गति से चल सकता है और लंबे समय तक समुद्र में तैनात रह सकता है।
इसमें ऐसे सिस्टम लगाए गए हैं जो दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने, खुद को सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत जवाब देने में मदद करते हैं। इसके साथ ही इसमें आधुनिक रडार, सोनार और मिसाइल सिस्टम्स, जैसे ब्रह्मोस और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें लगाई गई हैं, जिससे इसकी ताकत और बढ़ती है। इस जहाज का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा स्वदेशी है। इसका मतलब यह है कि शिप निर्माण में, हम अब केवल कन्ज्यूमर नहीं हैं, बल्कि प्रोड्यूसर बन चुके हैं।



