
इंदौर। इंदौर के सराफा बाजार में वर्षों से भीख मांग रहा मांगीलाल असल में करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला। यह खुलासा तब हुआ, शहर में प्रशासन ने भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान चलाया। इस दौरान कुष्ठ रोग से जूझ रहे 50 साल के एक भिखारी को भी बचाया गया। वहीं शुरुआती जांच के दौरान पता चला कि यह भिखारी तीन मकानों, एक कार और तीन ऑटो रिक्शा समेत लाखों रुपये की संपत्ति का मालिक है।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के तहत उसे रेस्क्यू किया।
प्रशासन ने मांगीलाल को उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेज दिया है। यहां आश्रम के संचालक सुधीर भाई गोयल मांगीलाल की देखरेख में लगे हैं। वहीं उसकी संपत्ति, बैंक अकाउंट की जांच की जा रही है। उन सराफा व्यापारियों से भी बात की जाएगी जो मांगीलाल से पैसा उधार लेते थे।
मांगीलाल सराफा की गलियों में लकड़ी की फिसलने वाली गाड़ी, पीठ पर बैग और हाथ में जूते के सहारे लोगों की सहानुभूति लेता था। वह किसी से सीधे तौर पर भीख नहीं मांगता था, बल्कि लोगों के पास जाकर खड़ा हो जाता था, जिसके बाद लोग स्वयं उसे पैसे दे देते थे। पूछताछ में सामने आया कि वह प्रतिदिन करीब 500 से 1000 रुपए तक की आमदनी कर रहा था।
पूछताछ के दौरान मांगीलाल ने स्वीकार किया कि भीख से मिलने वाले पैसों का उपयोग वह सराफा क्षेत्र के कुछ व्यापारियों को ब्याज पर कर्ज देने में करता था। वह एक दिन और एक सप्ताह के लिए रुपए देता था और रोजाना ब्याज की वसूली के लिए सराफा क्षेत्र में आता था।
रेस्क्यू दल के नोडल अधिकारी दिनेश मिश्रा के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि मांगीलाल के पास शहर के अलग-अलग इलाकों में तीन पक्के मकान हैं। भगत सिंह नगर में उसके नाम पर 16 बाय 45 फीट का तीन मंजिला मकान है। शिवनगर में 600 वर्गफीट का मकान और अलवास में 10 बाय 20 फीट का वन बीएचके मकान है। एक मकान सरकार ने विकलांगता के आधार पर उपलब्ध कराया था।
मांगीलाल के पास तीन ऑटो हैं, जिन्हें वह किराए पर चलाता है और एक डिजायर कार भी है, जिसे चलाने के लिए उसने ड्राइवर रखा हुआ है। वह अलवास क्षेत्र में अपने माता-पिता के साथ रहता है, जबकि उसके दो भाई अलग रहते हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा ने पुष्टि की कि भीख मांगने को बढ़ावा देने के लिए भी मांगीलाल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वह सूदखोरी में भी शामिल है, जो एक अपराध है। इसके ठोस प्रमाण मिलने पर भी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


