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नीट मामले की जांच के लिए केंद्र सरकार ने बनाई हाई लेवल कमिटी, 2 महीने में सौंपेगी रिपोर्ट





नई दिल्ली। शिक्षा मंत्रालय की ओर से पेपर लीक से बचन के लिए लगतार कदम उठाए जा रहे हैं। इस बीच शनिवार को एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। पूर्व इसरो के अध्यक्ष राधाकृष्णन की अध्यक्षता में इस कमिटी का गठन किया गया है। इसमें 7 सदस्य शामिल होंगे। इस उच्च स्तरीय समिति के एम्स के जाने माने पूर्व डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया भी शामिल हैं।

साथ ही हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर बीजे राव, आईआईटी मद्रास के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर एमेरिटस राममूर्ति के, पीपल स्ट्रॉन्ग के सह-संस्थापक और कर्मयोगी भारत के बोर्ड सदस्य पंकज बंसल, आईआईटी दिल्ली में छात्र मामलों के डीन प्रोफेसर आदित्य मित्तल, शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव गोविंद जयसवाल शामिल हैं।

समिति 2 महीने के अंदर शिक्षा मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। परीक्षा की प्रक्रियाओं में सुधार और डेटा की सुरक्षा, प्रोटोकॉल में सुधार और एनटीए के एग्जाम लेने के तरीके पर भी काम करेगी। रिपोर्ट आने के बाद शिक्षा मंत्रालय की ओर से अहम फैसले लिए जा सकते है। हालांकि इससे पहले नीट यूजी परीक्षा को लेकर कोई बदलाव नहीं किए जाएंगे।

नीट यूजी परीक्षा के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया 6 जुलाई से शुरू हो सकती है। वहीं 23 जून को ग्रेस मार्क्स पाने वाले स्टूडेंट्स के लिए परीक्षा आयोजन किया जाएगा। जिसके लिए एडमिट कार्ड भी जारी कर दिया गया है। इसके अलावा नीट परीक्षा में किसी भी तरह की कोई लापरवाही न हो इसके लिए एंट्री पेपर लीक लॉ भी बनाया गया है। इस कानून में 10 साल की सजा से लेकर 1 करोड़ रु तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।

छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ न हो इसके लिए क्रेंद सरकार हर कदम उठा रही है। वहीं नीट पेपर लीक करने वाले कई लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। बिहार, झारखंड से अबतक 13 गिरफ्तारी हो चुकी है।

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