
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज जोधपुर में माहेश्वरी समाज के ग्लोबल कन्वेन्शन एंड एक्सपो 2026 कार्यक्रम के दौरान कहा, पीएम मोदी ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया है। भारत को आत्मनिर्भर बनाना है तो उत्पादन के साथ जुड़े हुए उद्यमियों से हमारा आग्रह है कि जो काम कर रहे हैं, उसे करते रहें, मगर कुछ ऐसी चीजों का भी उत्पादन करें जो अभी भारत में नहीं बन रही हैं। आत्मनिर्भर भारत का संकल्पना ही हमें दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना सकती है।
अमित शाह ने कहा कि 2014 में जब नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने थे तब यह देश दुनिया की 11 वें नंबर की अर्थव्यवस्था था और देखते ही देखते हम 11वें से चौथे नंबर आ गए। अब तैयारी करना अगले साल हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाले हैं। अगर हमें सर्वोच्च स्थान पर पहुंचना है तो आत्मनिर्भर भारत एकमात्र विकल्प है। आत्मनिर्भर भारत को सफल बनाने का दूसरा सूत्र है स्वदेशी। मेरा सभी से आग्रह है कि जितना संभव हो स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करें। हर व्यापारी यह तय कर ले कि मेरे देश में बनी चीजों का ही व्यापार करूंगा। यह स्वदेशी ही आत्मनिर्भर का दूसरा पहलू है।
अमित शाह ने कहा कि गुजरात में मारवाड़ियों के लिए एक प्रसिद्ध कहावत है ‘जहां न पहुंचे रेलगाड़ी, वहां पहुंचे मारवाड़ी। इस कहावत की तरह ही माहेश्वरी समाज ने हर क्षेत्र में, दुनिया के कोने-कोने तक फैलकर न सिर्फ राजस्थान और भारत को जीवित रखा है, बल्कि उन्हें मजबूत और समृद्ध बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जब मुगलों के साथ युद्ध चल रहे थे, तब राजाओं-महाराजाओं के युद्ध के खजाने को भरने का काम माहेश्वरी समाज ने ही किया। इसी तरह जब अंग्रेजों से आजादी लड़ाई लड़ी जा रही थी, तो महात्मा गांधी के नेतृत्व में चल रहे स्वतंत्रता संग्राम का बहुत बड़ा हिस्सा आर्थिक रूप से माहेश्वरी समाज के सेठों ने वहन किया।




