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काबुल पर ड्रोन हमले को लेकर अमेरिका ने मांगी माफी, कहा- एक दुखद गलती थी

वाशिंगटन। एक शीर्ष जनरल ने स्वीकार किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक गलती की थी, जब उसने काबुल में इस्लामिक स्टेट के संदिग्ध आतंकवादियों के खिलाफ ड्रोन हमला किया था। पिछले महीने किए गए इस अमेरिकी हमले में बच्चों सहित 10 नागरिकों की मौत हो गई थी।

अमेरिकी मध्य कमान के कमांडर जनरल केनेथ मैकेंजी ने कहा कि यह हमला, अफगानिस्तान में 20 साल के अमेरिकी युद्ध के लिए एक भयानक कोडा था, जोकि संदिग्ध आईएस ऑपरेशन को लक्षित करने के लिए था। मैकेंजी ने जांच के बाद संवाददाताओं से कहा, स्‍ट्राइक एक दुखद गलती थी।

अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने एक बयान में मारे गए लोगों के परिजनों से माफी मांगी। ऑस्टिन ने एक बयान में कहा, मैं मारे गए लोगों के परिवार के जीवित सदस्यों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। हम क्षमा चाहते हैं और हम इस भयानक गलती से सीखने का प्रयास करेंगे।

मैकेंजी ने कहा कि सरकार इस बात का अध्ययन कर रही है कि मारे गए लोगों के परिवारों को नुकसान का भुगतान कैसे किया जा सकता है। जनरल ने कहा कि 29 अगस्त को अमेरिकी बलों ने काबुल में एक साइट पर सफेद टोयोटा को देखने के बाद आठ घंटे तक ट्रैक किया था।

खुफिया विभाग ने उस स्थान के रूप में पहचान की थी, जो इस्लामिक स्टेट के गुर्गों के बारे में माना जाता था कि वे काबुल हवाई अड्डे पर हमले की तैयारी कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि खुफिया रिपोर्टों ने अमेरिकी बलों को एक सफेद टोयोटा कोरोला पर नजर रखने के लिए प्रेरित किया था, जिसका समूह कथित तौर पर उपयोग कर रहा था। मैकेंजी ने कहा, हमने इस कार को हमारे लिए एक ज्ञात लक्ष्य क्षेत्र में स्‍ट्राइक के लिए चुना। स्पष्ट रूप से हमारी खुफिया इस विशेष सफेद टोयोटा पर गलत थी।

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