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9/11 हमलों के बाद आतंकवाद के खिलाफ जंग में अमेरिका का साथ देकर बड़ी भूल की: इमरान खान

नई दिल्ली। इमरान खान ने अमेरिका के पूर्व रक्षा सचिव जेम्स मैटिस के एक बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि, पाकिस्तान ने 9/11 हमलों के बाद अमेरिका का साथ देकर बड़ी भूल की, उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था। दरअसल हाल ही में जेम्स मैटिस ने पाकिस्तान को लेकर कहा था कि वे पाकिस्तान को उन सभी देशों के बीच सबसे खतरनाक मानते हैं, जिनसे अभी तक उनका पाला पड़ा है।

मैटिस के इस बयान पर इमरान खान ने कहा कि, मुझे नहीं लगता कि मुझे नहीं लगता कि मैटिस पूरी तरह समझते हैं कि पाकिस्तान कट्टरपंथी क्यों बना। इमरान ने कहा कि पिछली सरकारों को वो वादा नहीं करना चाहिये था जिसे वे पूरा नहीं कर सकीं। पाकिस्तान ने 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में अलकायदा के हमलों के बाद आतंकवाद के खिलाफ जंग में अमेरिका का साथ देकर बड़ी भूल की।

इमरान खान ने तत्कालीन सैन्य शासक जनरल परवेज मुशर्रफ द्वारा अमेरिका का साथ देने के फैसले की ओर इशारा करते हुए कहा, मुझे लगता है कि पिछली सरकारों को वो वादा नहीं करना चाहिए था जिसे वे पूरा नहीं कर सकीं। इमरान ने कहा पाकिस्तान उन तीन देशों में से एक था जिसने 2001 में अमेरिकी हमले से पहले अफगानिस्तान में तालिबान सरकार को मान्यता दी थी। 9/11 के हमलों के बाद अफगानिस्तान पर अमेरिकी हमले में पाकिस्तान ने तालिबान के खिलाफ अमेरिकी सेना को समर्थन दिया।