
नई दिल्ली। राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। विपक्ष की ओर से जोरदार नारेबाजी के बीच उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा, धन्यवाद प्रस्ताव पर समर्थन के लिए इस सदन में अपनी भावनाओं को व्यक्त करना मैं अपना सौभाग्य मानता हूं। देश आज तेज प्रगति कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की उम्र को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, मेरी एक प्रार्थना है। आदरणीय खरगे जी की उम्र को देखते हुए, अगर वे बैठकर भी नारे लगाना चाहें तो लगा सकते हैं। पीछे कई सारे युवा नेता हैं।
उन्होंने कहा, राष्ट्रपति के अभिभाषण में देश के मध्यम वर्ग, निम्न-मध्यम वर्ग, गरीब, गांव, किसान, महिलाएं, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, बहुत ही विस्तार से भारत के प्रगति का एक स्वर संसद में गूंजा है। देश के नौजवान भारत के सामर्थ्य को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं, इस पर भी विस्तार से चर्चा की गई है। राष्ट्रपति ने भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति भी भरोसा जताया है। यह हम सबके लिए प्रेरणादायी है।
उन्होंने कहा, देश का हर व्यक्ति यह महसूस कर रहा है कि एक अहम पड़ाव पर हम पहुंच चुके हैं। न हमें रुकना है, न हमें पीछे मुड़कर देखना है। हम आगे ही आगे देखना है और लक्ष्य को प्राप्त करके ही हमें सांस लेनी है। उस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आगे कहा, भारत के भाग्य के लिए अनेक संयोग एक साथ हमें नसीब हुए हैं। ये अपने आप में बहुत ही उत्तम संयोग है। सबसे बड़ी बात है कि विश्व के समृद्ध से समृद्ध देश भी बुजुर्ग होते जा रहे हैं। वहां की आबादी उम्र के उस पड़ाव पर पहुंची है, जिन्हें हम बुजुर्ग के रूप में जानते हैं। हमारा देश ऐसा है, जो विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है, वैसे ही देश हमारा युवा होता जा रहा है। युवा आबादी वाला देश बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा, दूसरी तरफ मैं देख रहा हूं जिस प्रकार विश्व का भारत के प्रति आकर्षण बढ़ा है। विश्व भारत के प्रतिभा (टैलेंट) का अहमियत समझ रहा है। हमारे पास आज दुनिया का बहुत ही अहम टैलेंट पूल है। युवा टैलेंट पूल है, जिसके पास सपने, संकल्प और सामर्थ्य है। यानी शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है।
प्रधानमंत्री ने कहा, आज विश्व में जो चुनौतियां पैदा हो रही हैं, भारत उनका समाधान देने, आशा की किरण देने वाला देश बना हुआ है। हम समाधान दे रहे हैं। आज अहम अर्थव्यवस्थाओं में भारत की विकास दर काफी ऊंची है। ऊंची विकास दर और कम महंगाई एक अनोखी उपलब्धि है।
पीएम मोदी ने कहा, ‘भाजपा हो..एनडीए हो.. हमारा दृष्टिकोण, हमारी सोच और कांग्रेस की सोच के बीच जमीन-आसमान का अंतर है। हमारी सोच है कि 140 करोड़ देशवासी इतने सामर्थ्यवान हैं कि कुछ भी कर सकते हैं। लेकिन नेहरू जी और इंदिरा जी की सोच क्या थी। उन्होंने कहा, ‘इंदिरा जी एक बार ईरान गईं। वह ईरान में भाषण दे रही थीं। उस भाषण में उन्होंने नेहरू जी के साथ बातचीत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा था- जब किसी ने मेरे पिताजी से पूछा यानी नेहरू जी से पूछा कि उनके सामने कितनी समस्या है, तो उन्होंने कहा 35 करोड़। उस समय हमारे देश की जनसंख्या 35 करोड़ थी। 35 करोड़ देशवासी नेहरू जी को समस्या लगते थे। इस बात का उदाहरण देते हुए इंदिरा जी ने आगे कहा- आज देश की जनसंख्या 57 करोड़ है। इसलिए मेरे लिए समस्या भी इतनी ही है। उन्हें अब 57 करोड़ लोग समस्या लगने लगे थे।’ उन्होंने कहा, नेहरू जी हों..इंदिरा जी हों या पूरी कांग्रेस बिरादरी हो, ये लोग देशवासियों को समस्या मानते थे। ऐसे लोग सिर्फ अपने परिवार का ही भला करेंगे। मैंने देश के सामने कहा है, क्योंकि यह मेरा दृढ़ विश्वास है। चुनौतियां कितनी ही क्यों न हों, 140 करोड़ लोग हमारे साथ हैं। हमारे लिए हर देशवासी भारत का कर्ता-धर्ता है।
पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस ने बीते दिनों राष्ट्रपति का अपमान किया है। चुनाव के बाद किस प्रकार से हमारी राष्ट्रपति के लिए शब्द कहे गए। शर्मिंदगी महसूस होती है कि यह कैसे लोग हैं। ये लोग भारत की राष्ट्रपति के लिए क्या कह रहे हैं। कल लोकसभा में भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा नहीं हो पाई। ये राष्ट्रपति पद का घोर अपमान है। उन्हें संविधान शब्द बोलने का अधिकार नहीं है? आपने गरीब-आदिवासी परिवार से आई महिला का जो अपमान किया है। आपने आदिवासी महिला का अपमान किया है। आपने संविधान का अपमान किया है।
उन्होंने कहा, एक तरफ हमारे सदानंद मास्टर जी का दृश्य है। राजनीतिक विद्वेष के कारण उनके दोनों पैर काट दिए गए। भरी जवानी में दोनों पैर काट दिए गए। कटे हुए पैर से जिंदगी गुजार रहे हैं। लेकिन संस्कार इतने ऊंचे हैं कि वाणी से अपशब्द नहीं निकलता है। गर्व होता है और कल जब देश ने उनका पहला भाषण हो रहा था, जब वे कटे हुए पैर लिए भाषण देने के लिए उठे तो ये इंडी अलायंस के लोगों ने उन्हें बोलने नहीं दिया जाता है। मैं उनका अभिनंदन करता हूं। वे आज देश की नीति निर्धारण में अपना योगदान दे रहे हैं। ऐसे लोगों के सहारे हम राजनीति में जीते हैं, देश के लिए जीने-मरने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा, हम विकसित भारत की जमीन मजबूत कर रहे हैं। उसे एक ताकत दे रहे हैं। एक तरफ देश के युवाओं के लिए मजबूत जमीन तैयार कर रहा हूं तो कांग्रेस मोदी की कब्र खोदने के कार्यक्रम कर रही है। मोहब्बत की दुकान खोलने वाले ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ के नारे लगा रहे हैं। ये कौन सी मोहब्बत की दुकान है जो देश के ही नागरिक की कब्र खोदने की बात कर रही हो। क्या यह मानवता का अपमान नहीं है। ये लोग किस प्रकार के संस्कार में पले-बढ़े हैं। मेरा अनुभव पुराना है। 2002 से जब वे विपक्ष में थे, तबसे 2004 में जब वे सत्ता में आए तबसे और 2014 में जब मैं सत्ता में आया तबसे संसद का एक भी सत्र ऐसा नहीं गया, जब सदन से मोदी को गाली देने का काम न किया गया हो। करीब 25 साल मैं कई मौकों पर संसद में नहीं था। मुझसे किसी ने पूछा था कि मोदीजी आपका स्वास्थ्य कैसे ठीक रहता है? मैंने कहा था कि मैं रोज दो किलो गाली खाता हूं।
उन्होंने कहा, हमने अनुच्छेद 370 हटाया, इसलिए वे मोदी की कब्र खोदते हैं। ऑपरेशन सिंदूर में आतंकियों को घर में घुसकर मारा, इसलिए मोदी की कब्र खुदेगी। माओवाद से देश को आजाद करने के लिए कदम उठा रहे हैं, इसलिए उन्होंने मोदी की कब्र खोदनी है। नेहरू जी के समय में हमने सिंधु जल समझौता करके जो गलती की थी, उसे मोदी ने हटा दिया, इसलिए मोदी की कब्र खोदेंगे।
उन्होंने आगे कहा, असल में कांग्रेस की परेशानी दूसरी है। उनकी परेशानी है कि मोदी यहां तक पहुंचा कैसे। उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री पद उनके परिवार की जागीर है। यह जो मोहब्बत की दुकान में आग भरी है न उसका परिणाम है। उन्हें लगता है कि यह प्रधानमंत्री पद हमारा अधिकार था, इसलिए वे मोदी की कब्र खुदने का नारा लेकर चल रहे हैं। कांग्रेस के शाही परिवार को देश ने इतने दशकों तक अवसर दिया है। देश ने अपना भविष्य आपके लिए भी दांव पर लगाया था। कांग्रेस के एक भी आज तक गरीबी हटाने की बात न आई हो ऐसा नहीं हुआ, लेकिन उन्होने इसे हटाने के लिए किया क्या, यह आज तक सामने नहीं आया।
प्रधानमंत्री ने कहा, हमारे यहां सैकड़ों लोग रेलवे क्रॉसिंग पर मरते थे। स्कूल बस के बच्चों के मरने की खबरें आती थीं। अनमैन्ड रेलवे क्रॉसिंग की समस्या सुलझाना कोई बड़ा काम नहीं था। हमने ऐसी क्रॉसिंग बंद कर दीं, लाखों लोगों की जिंदगी बचा ली। इसलिए ये मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं। 2014 से पहले देश में 18 हजार गांव ऐसे थे, जिन्हें बिजली का मतलब नहीं पता था। 2014 के बाद 18 हजार गांवों तक हमने बिजली पहुंचाई। उन्होंने आगे कहा, वो भी एक वक्त था जब देश में खबरें आती थीं सेना और सैनिकों को लेकर कि गोला-बारूद नहीं है, बुलेट प्रूफ जैकेट नहीं हैं। बर्फ के बीच खड़े हैं, वो जूते तक नहीं है उनके पास। हमने सैनिकों के लिए खजाने खोल दिए। इसलिए वे चाहते हैं कि उनके पास और कोई रास्ता तो बचा नहीं, इसलिए कब्र खुदेगी मोदी की, यही रास्ता बचा है।
उन्होंने कहा, इनकी सरकार रिमोट से चलती थी। मेरी सरकार भी रिमोट से चलती है। 140 करोड़ देशवासी मेरा रिमोट हैं। उनके सपने, आकांक्षाएं, संकल्प, इनके लिए हम जीते हैं। इनके लिए सरकार चलाते हैं। सत्ता हमारे लिए सुख का रास्ता नहीं है, सेवा का माध्यम है। प्रधानमंत्री ने कहा, इन्हें स्टार्टअप संस्कृति के बारे में नहीं पता था। ये अपने घर के स्टार्टअप को भी लिफ्ट नहीं कर पा रहे। हमारे समय में दो लाख स्टार्टअप हैं। वो जमाना याद कीजिए बीएसएनएल को लेकर चुटकुले चलते थे। आज हमने 4जी सबसे तेज रोलआउट करने का काम कर दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, तुम कितने ही नारे लगा लो कब्र नहीं खोद पाओगे। माताओं-बहनों का मेरे प्रति जो भाव रहा है। जिन्हें कोई पूछता नहीं था, मोदी उन्हें पूजता है। ये आशीर्वाद हैं, जो उन्हें चुभता है। इसलिए वे कब्र खोदना चाहते हैं। चोरी करना जिनका पुश्तैनी धंधा है। जिन्होंने गुजराती सरनेम चुरा लिया। महात्मा गांधी का सरनेम चुरा लिया। ऐसे लोगों को देश की समझदार जनता पटक देती है।
उन्होंने कहा, एक जमाने में कॉमन शब्द होता था- इंडिया मिस्ड द बस। यह आम चर्चा हो गई थी। आज भारत कोई बस मिस नहीं कर रहा, काफिले का नेतृत्व कर रहा है। हम विकसित भारत के सपने के लिए पांच वर्ष की योजना बनाते हैं और हर वर्ष का बजट बनाते हैं। हम दिशा बनाकर चलते हैं और चुनाव हमारा लक्ष्य नहीं होता। हमारा लक्ष्य होता है विकसित भारत 2047। चुनाव आएंगे-जाएंगे। हम देश के युवाओं के हाथ में समृद्ध भारत देने का सपना रखते हैं। मैं चाहता हूं आज के बच्चों के हाथ में ऐसा भारत देकर जाऊं कि मुझे भी संतोष हो।




