
भोपाल। आरएसएस की तारीफ कर विवाद में घिरे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा चुनाव न लड़ने का ऐलान किया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस की अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने दिग्विजय सिंह को चिट्ठी लिखकर मांग की थी कि वो एससी नेता को राज्यसभा पहुंचाएं।
प्रदीप अहिरवार की इस चिट्ठी का हवाला देते हुए दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को मीडिया से कहा कि इस बारे में तो वो कुछ कर नहीं सकते, लेकिन अपनी राज्यसभा सीट जरूर खाली कर रहे हैं। राज्यसभा में दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को खत्म हो जाएगा।
मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता प्रदीप अहिरवार ने अपनी चिट्ठी में लिखा था कि दिग्विजय सिंह के कार्यकाल को हमेशा सामाजिक न्याय और दलित उत्थान के लिए याद किया जाएगा। प्रदीप अहिरवार ने दिग्विजय सिंह के लिए लिखा था कि आपने पत्रकार वार्ता में कहा कि अगर एससी या एसटी से सीएम बनता है, तो आपको खुशी होगी।
प्रदीप अहिरवार ने आगे लिखा था कि मध्य प्रदेश की 17 फीसदी एससी आबादी की अपेक्षा को ध्यान में रखते हुए आपसे आग्रह करता हूं कि इस बार राज्यसभा में इस वर्ग से प्रतिनिधित्व दिया जाए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की ओर से राज्यसभा चुनाव न लड़ने का ऐलान इस मायने में भी खास है, क्योंकि बीते दिनों ही उन्होंने आरएसएस की कार्यप्रणाली की तारीफ कर विवाद खड़ा कर दिया था। कांग्रेस के भीतर ही दिग्विजय सिंह के आरएसएस संबंधी बयान पर नेता दो फाड़ दिखे थे।
विवाद के बाद दिग्विजय सिंह ने कहा था कि आरएसएस से कुछ सीखने वाला नहीं है, लेकिन अगर वो तारीफ कर रहे हैं, तो इसकी वजह भी है। इसके बाद सूत्रों के हवाले से ये जानकारी भी आई थी कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल गांधी ने दिग्विजय सिंह से कहा कि उन्होंने आरएसएस की तारीफ कर बड़ी गलती की है।




