
नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच आज टेलीफोनिक बातचीत हुई। पीएम मोदी ने खुद सोशल मीडिया के जरिए इस बात की जानकारी साझा की है। मोदी ने बताया कि मुझे अपने मित्र प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात करके और उन्हें तथा इजरायल की जनता को नव वर्ष की शुभकामनाएं देकर प्रसन्नता हुई। हमने आने वाले वर्ष में भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। हमने क्षेत्रीय स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया और आतंकवाद से और अधिक दृढ़ संकल्प के साथ लड़ने के अपने साझा संकल्प की पुष्टि की।
इससे पहले दिसंबर 2025 में भी मोदी और नेतन्याहू की बातचीत हुई थी। उस वक्त भी दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी को दोहराते हुए इस बात पर सहमति जताई थी कि आतंकवाद को किसी भी प्रकार से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारत और इजरायल रक्षा क्षेत्र के साथ साथ विदेश नीति और क्षेत्रीय शांति की दिशा में भी मिलकर काम कर रहे हैं। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच परस्पर बातचीत भारत और इजरायल के मजबूत होते संबंधों का उदाहरण है।
मोदी और उनके इजरायली समकक्ष के बीच हाल ही में पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर भी चर्चा हुई थी। मोदी ने कहा था कि भारत इस क्षेत्र में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति के प्रयासों का समर्थन करता है। इसके साथ ही गाजा पीस प्लान को जल्द लागू करने की जरूरत पर भी भारत की ओर से जोर दिया गया था। हाल ही में जब हमास के द्वारा गाजा में बंधकों को रिहा किया गया था तब भी पीएम मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा था कि दो साल से ज्यादा समय तक बंधक रहे लोगों की रिहाई का रिहाई का हम स्वागत करते हैं। बंधकों की आजादी उनके परिवारों के साहस, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के अटूट शांति प्रयासों और इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।




