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भागीरथपुरा में कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ता भिड़े, एक दूसरे पर चली चप्पल, पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को किया गिरफ्तार

इंदौर। भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर सियासत सड़क पर आ गई। शनिवार को कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता भिड़ गए। इस दौरान जमकर हंगामा, नारेबाजी और धक्कामुक्की देखने को मिली। जिसके बाद इलाके में जमकर हंगामा हुआ। हालात इतने बिगड़े कि पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। बाद में पुलिस ने दो विधायकों सहित 20 नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस नेता दूषित पानी पीने से मृत लोगों के परिजनों से मिलने बस्ती पहुंचे थे। इसी दौरान भाजपा कार्यकर्ता और कुछ स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं को काले झंडे दिखाए और वापस जाओ-वापस जाओ के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आपस में गुत्थम गुत्था हो गए। और दोनों तरफ से चप्पल भी चलने लगी । हालात बेकाबू होते देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

करीब एक घंटे तक भागीरथपुरा में हंगामे की स्थिति बनी रही। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। हंगामे के बीच महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी, कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने विरोध के माहौल में ही कुछ पीड़ित परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को बस्ती से बाहर निकाला।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तीन थानों का पुलिस बल मौके पर तैनात करना पड़ा। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कांग्रेस की जांच समिति में शामिल विधायक महेश परमार, विधायक प्रताप ग्रेवाल, पूर्व विधायक सज्जन सिंह वर्मा सहित दो विधायकों समेत 20 से ज्यादा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

दूषित पानी से हुई मौतों का दर्द अभी थमा भी नहीं था कि भागीरथपुरा सियासी अखाड़ा बन गया। सवाल यह है कि लोगों की जान जाने के बाद भी क्या जिम्मेदारी तय होगी या फिर यह मामला सिर्फ राजनीतिक हंगामे तक ही सिमट कर रह जाएगा।

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